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Naila Durga maa 2019 | janjgir Naila durga maa 2019 update

Naila Durga maa 2019 | Janjgir Naila durga maa 2019 update :-

CHHATTISGARH :-
naila durga 2019
naila durga maa 2019
naila janjgir durga 2019

1.Hi friends जैसा की आप जानते है नैला रेलवे स्टेशन के पास हर साल  दुर्गा माँ को खुशी और उल्लास के साथ सुसजित कर विराजा जाता है |

naila durga 2019
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. इस साल भी दोस्तों दिनाक 29.09.2019 से नैला स्टेशन
के पास दुर्गा माँ को विराजित किया जा रहा है |




3. दुर्गा माँ को हर साल की तरह इस साल भी हीरो, मोती, सोने, चांदी और अन्य रत्नों से सजाया जा रहा है |

janjgir durga 2019


4  श्री श्री दुर्गा पूजा उत्सव समिति द्वारा दुर्गा पंडाल को बहोंत आकर्षक और सुन्दर बनाया गया है | हर साल की तरह इस बार भी करी गर दुर्गा पंडाल को और दुर्गा माँ को सजाने में जोर शोर से लगे है, 

 
5. देवी देवताओ की आकर्षक झाकी देखने को मिलेगी, शिव जी रथ के सारथी के रूप में दिखाई देंगे, कलाकार मूर्ति को हीरे मोती सोने चांदी जैसे आभूषण से सजायेगे


naila durga maa 2019 janjgir
NAILA DURGA 2019
NAILA DURGA 2019


GOURI MAA KI ARTI  ( DURGA ARTI )SONGS 

JAI AMBE GOURI ARTI

जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी
तुमको निशिदिन ध्यावत, तुमको निशिदिन ध्यावत
हरि ब्रह्मा शिवरी ॐ जय अम्बे गौरी

जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी
तुमको निशिदिन ध्यावत, तुमको निशिदिन ध्यावत
हरि ब्रह्मा शिवरी ॐ जय अम्बे गौरी

माँग सिन्दूर विराजत, टीको जगमग तो
उज्जवल से दो‌ नैना, चन्द्रवदन नीको
ॐ जय अम्बे गौरी

कनक समान कलेवर, रक्ताम्बर राजै
रक्तपुष्प गल माला, कण्ठन पर साजै
ॐ जय अम्बे गौरी

केहरि वाहन राजत, खड्ग खप्परधारी
सुर-नर-मुनि-जन सेवत, तिनके दुखहारी
ॐ जय अम्बे गौरी

कानन कुण्डल शोभित, नासाग्रे मोती
कोटिक चन्द्र दिवाकर, सम राजत ज्योति
ॐ जय अम्बे गौरी

शुम्भ-निशुम्भ बिदारे, महिषासुर घाती
धूम्र विलोचन नैना, निशिदिन मदमाती
ॐ जय अम्बे गौरी

चण्ड-मुण्ड संहारे, शोणित बीज हरे
मधु-कैटभ दो‌उ मारे, सुर भयहीन करे
ॐ जय अम्बे गौरी

ब्रहमाणी रुद्राणी तुम कमला रानी
आगम-निगम बखानी, तुम शिव पटरानी
ॐ जय अम्बे गौरी

चौंसठ योगिनी गावत, नृत्य करत भैरव
बाजत ताल मृदंगा, और बाजत डमरु
ॐ जय अम्बे गौरी

तुम ही जग की माता, तुम ही हो भरता
भक्‍तन की दु:ख हरता, सुख सम्पत्ति करता
ॐ जय अम्बे गौरी

भुजा चार अति शोभित, वर-मुद्रा धारी
मनवान्छित फल पावत, सेवत नर-नारी
ॐ जय अम्बे गौरी

कन्चन थाल विराजत, अगर कपूर बाती
श्रीमालकेतु में राजत, कोटि रतन ज्योति
ॐ जय अम्बे गौरी

श्री अम्बेजी की आरती, जो को‌ई नर गावै
कहत शिवानन्द स्वामी, सुख सम्पत्ति पावै
ॐ जय अम्बे गौरी

जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी
तुमको निशिदिन ध्यावत, तुमको निशिदिन ध्यावत
हरि ब्रह्मा शिवरी ॐ जय अम्बे गौरी

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